राजनीतिक शरण – पुष्प शर्मा

प्रधानमंत्री कार्यालय (मोदी ) एक्सपोज़ हुआ तो मोदी सरकार दिल्ली के एक ब्राह्मण पत्रकार को बरदाश्त नहीं कर पायी – आज इंग्लैंड की सरकार से राजनितिक शरण मांगनी पड़ी –

आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को नौकरी और शिक्षा में 10 प्रतिशत छल था एक प्रपंच था. ब्राह्मण होना कोई अयोग्यता नहीं है जिस तरह से भारत रत्न की कुछ आलोचनाएँ हो रही है समझ से परे है आखिर कब तक ब्राह्मणों के नाम अपनी सारी असफलताओ को दर्ज करेंगे संसद से लेकर silicon valley तक ब्राह्मणों का डंका इसलिए नहीं बजता कि वे ब्राह्मण हैं बल्कि इसलिए बजता है जब लोग सो रहे होते है तो वो जग रहे होते हैं।
भारत में बहुत अरब पति हैं पर गेटस फ़ाउन्डेशन में ब्राह्मण नारायन मूर्ति (इन्फ़ोसिस )ही क्यों ?? जिसने अपनी एक तिहाई से अधिक सम्पत्ति बिना शोर शराबें के दान कर दी उनकी पत्नी आदिवासी समाज के बीच बिना शौचालय के सेवा(यधपि सेवा शब्द अपना अर्थ खो चुका है ) कर रही हैं ।
मैं बताता हूँ सामाजिक सरोकार व सामाजिक अंतःकरण।
जब कुछ लोग पैदा होते ही बच्चों को घृणा का शास्त्र पढ़ाते है कि साँप से पहले ब्राह्मण को मारो तो उसी समय एक ब्राह्मण का बेटा “अनंतो वाँ वेदा” ज्ञान अनंत है पढ़ता है और आलोचनाओं को एक तर्क पद्वति मानता है।
आज silicon valley में ब्राह्मण पुरे भारतीयों के दो तिहाई हैं।
ब्राह्मण व ब्राह्मण वाद में अंतर है दोनो बिरोधी हैं ब्राह्मणवादी केबल ब्राह्मण नहीं होता हर वह व्यक्ति होता है जो जन्मना व चढ़ावा संस्कृति में विश्वास करता है जो तर्क हीन जड़ हीन विकार युक्त बात करता है ,भले ही कोई दलित की बेटी हो या दौलत की।
जब ब्राह्मणों को दूध की मकखी समझा जाएगा तो कभी कभार वो भी दूध फाड़ेगा ही ॰ब्राह्मणों को ब्रह्मणिस्तान नहीं चाहिए ,न ही संसद लोक सभा की सीट वो अपना जगह पिरामिड से लेकर नैनो टेक्नॉलजी तक बना चुका है, किसी समय रूस में ये बात उठी थी धनिकों के हाथ काट लिया जाय कहा गया वो हाथ का नही दिमाग का खाते हैं पर याद रखें कि हिटलर भी गैस चैंबर से यहूदियों को ख़त्म नहीं कर पाया पर एक आइंस्टीन ( यहूदी)का जाना पूरे जर्मनी पर भारी पड़ा आज भी पेंटागन में पचहतर प्रतिशत बैज्ञानिक यहूदी हैं।
आप ब्राह्मणों के सारे पुरस्कारों पर रोक लगा दें पर मालवीय अटल लता तेंदुलकर रत्न तो हैं ही क्यों ग़लत है? कुछ लोगों को पुरस्कार दिया नहीं जाता बल्कि पुरस्कार को ही पुरस्कृत किया जाता है।
अरे आप समुद्र में भी फेंक देंगे तो भी ये तैरते दिखेंगे“

मैं ब्राह्मण हूँ और मुझे इस पर फखर है

आपका 
पुष्प



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